'गाजर' (carrot) गुणों का अपार भंडार है. इसे जानिए.



👉 'गाजर' (carrot- डॉकस कैरोटा; अम्बैलीफैरी-कुल) एक शंकु आकार मुल-जड़ वाली सब्जीवर्गोय फसल है, जिनकी प्रजातियाँ भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) पूसा नई दिल्ली द्वारा संस्तुत-देशी लाँग, पंजाब - नं. 29, पूसा केसर, यूरोपियन-गोल्डन हार्ट व एम्परेटर; विलायती गाजर में नेन्टीस,        सलेक्शन-5A' अधिक उपयुक्त है. ताजी गाजर के प्रति 100 ग्राम खाने वाले भाग में 88.6 ग्राम जल, 1.1 ग्राम प्रोटीन, 0.2 ग्राम बसा, 9.1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1.0 ग्राम फाइबर, 12000 IU विटामिन 'A', 0.06 मिलीग्राम विटामिन B1, 0.06 ग्राम 'B2', आदि तत्व पाए जाते हैं.

👉 गाजर में मौजूद 'एंटी आॅक्सीडेंटस्' प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के बचाओ में सहायक है, साथ ही औषधीय गुणों के कारण किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोकने में मददगार भी है। अमेरिका के हाॅर्वर्ड विश्वविद्यालय में शोध अध्ययनों से पता चला है कि गाजर खाने वालों को –



💠 ह्रदय रोग की संभावना का कम होना ;

💠नेत्र ज्योति बढ़ाने में मददगार, क्योंकि आँखों हेतु विटामिन 'A' जरूरी है, जो रतौंधी नेत्र रोग से बचाती है. मोतियाबिन्द की आशंका को कम करती है.

💠 पेट के लिए फायदेमंद है, जो पाचन क्रिया को सुदृढ़ बनाती है, कब्ज से निजात मिलती है.

💠 हिमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक – गाजर में आयरन और विटामिन 'E' प्रचुर मात्रा  से शरीर में खून की कमी 'एनीमिया' को दूर करती है.

💠 दांतों और मसूड़ों को सुदृढ रखती है, कच्ची गाजर मुंह को दुर्गंध दूर करती है; मुंह के जीवाणुओं को नष्ट करना, आदि जो सेहत के लिए गाजर लाभप्रद है.